बुधवार, 21 अक्तूबर 2009

आज का हाईटेक प्यार!

"यह इश्क नही आसां, बस इतना समझ इतना समझ लीजिये,
एक आग का दरिया है, डूब कर जाना है"

जिगर मुरादाबादी ने यह शेर ६०-७० के दशक के प्रेम-प्रसंगों को देखकर लिखा होगा। अभी के प्यार लीलाओं को देखकर जिगर मुरादाबादी अपनी सोच बदलने पर मजबूर हो जायेंगे। जो लोग ६०-७० वाले प्यार के परिभाषाओ पर अभी भी यकीं रखते है, उन्हें बता दूँ की यह 'प्यार' अब बाजार का एक बड़ा बिषय है। तकनीक ने अब इसे एक उद्योग बना दिया है। प्यार अब तो एक कारोबार है जो इन्टरनेट , अखबार और टेलिविज़न शो पर चलता है। और इस कारोबार का भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़िया पैठ है।

यदि आपने प्यार करने का मन बना लिया है तो अब वो आपको "वो पहली नजर" इन्तजार में समय बरबाद न करें। इन्टरनेट पर ऐसे सैकडों वेबसाइट है जो प्यार करवाने का पुण्य काम करते है। आपको बस यहाँ सदस्य बनाना होगा और कुछ शुल्क भी देना होगा। याहू मेस्सन्जेर खोलिए, इन्स्टंट मेसेज वाली बॉक्स में ASL लिखकर भेजिए। सामने कोई मिल गयी तो फ़िर शुरू हो जाइये। पहले मुझे भी ASL का मतलब पता नही था। दरअसल मैं भी एक बार इस प्रश्न से गुजरा। एक बार मेरे बॉक्स में प्रकट हुआ-"ASL PLS मैंने इसका मतलब पूछा तो सामने से सवाल आया,"AGE, SEX AND LIVING क्या है? मैंने मेल बताया तो अगला मेसेज आया ही नही। मै समझ गया भाई साहेब फेमेल ढूंढ़ रहे है। मै तो इन्टरनेट पर होने वाले प्यार की गति से प्रभावित हूँ। शब्द ASL से ही आशिक सामने वाले के जैसे सारा कुंडली जान लेता है। बात बनी  तो ठीक है , वरना अगले से-ASL । यदि कोई बिंदास टाइप की मिल गयी तो अगला प्रश्न रंग, फिगर, या पहने गए अन्तर-वस्त्र से होता है। फ़िर शुरू होता है रसीली और सेक्सी बातों का सिलसिला ताकि यौन फंतासी में पुरी तरह डुबकी लगाया जाए। यदि किसी ने अपनी आई डी किस्सिंग गर्ल के नाम से बनाया हुआ है तो MACHO MAN टाइप के लोग उस पर टूट पड़ते है। कई नेट सर्विस देनी वाली कंपनी ने तो बाकायदा डेटिंग और स्पीड डेटिंग का कारोबार चला रखा है जो लड़के-लड़कियों के प्रस्ताव और संदेशो को विज्ञापन की तरह इस्तेमाल करती है। यह तो हुई वेब दुनिया का प्यार।

प्यार तो अब टेलिकॉम कंपनियां ने भी बांटना शुरू कर दिया है खुल्ले के भाव में। आप किसी भी टेलिकॉम कंपनी के सर्विस ले रहे हो प्रतिदिन आपके पास एक मेसेज आयेगा -"looking for sexy and hot partner??? now just msg on 0xxxxxxx। Rs. 6 per msg. . कुछ इस तरह। ५-६ रुपये में आपका प्यार आपके फ़ोन में। आपको सिर्फ़ मेसेज करना पड़ेगा। फ़ोन वाला प्यार का एक तरीका और भी है। अखवारों में रोज एक विज्ञापन आता है-dial on 00xxxxxxx to talk hot indian girls। इंडियन grls se बात करने के लिए ISD नम्बर का चक्कर मुझे समझ में नही आता है।

यह तो कुछ भी नही। अब तो चैनल वाले भी T.V पर लाइव शादी करवा रहे है। टेलिविज़न के इतिहास में पहली बार कुछ दिन पहले राखी सावंत ने स्वयंवर रचाया। महीने भर वह १६ लड़को के साथ दिल तोड़ने-जोड़ने का खेल खेलती रही और जनता  आंखें गडाकर देखती रही। चैनल भी अपना TRP बढाती रही। यही नौटंकी अब राहुल महाजन करने वाले है।

आजकल १५-१८ के बीच के लड़के-लड़कीयओं के बीच एक ट्रेंड चला हुआ है। अखवारों में अपने प्रेम-पत्र छपवाने का। एक अलग से बॉक्स बना होता है "तेरे नाम के लिए"। एक लड़का अपनी प्रेमिका के लिए एक संदेश छपवाता है-"नीलू डार्लिंग, तुम चाँद से भी ज्यादा सुंदर हो। मै तुम्हे दिलोजान से प्यार करता हूँ । तुम्हारे लिए जान भी दे सकता हु। तुम्हारा रॉकी। तो ऐसे चलता रहता है प्यार में जान देने की बातें। प्रेमिका के नाम ख़त छपवाकर ऐसे खुश होते  है जैसे उनके लिए ताजमहल बनवा दिया हो। अखवार और फ़ोन वाले ऐसे हजारों रॉकी से लाखो कमाते है।

तो इस प्रकार बहुत बिंदास और हाईटेक हो गया है प्यार करने के तरीके. यह सारे तरीके तो अलग-अलग है लेकिन एक चीज इनमे सामान है - बाजारवाद. अब तो प्यार एक ब्रांड है जिसमे करोड़ो का निवेश होता है. करीब साल भर पहले एक फिल्म देखा था- गौड तुस्सी ग्रेट हो! उसके एक सीन में हीरो को झूठ पकड़ने वाली मशीन पर बिठा कर हिरोइन पूछती है क्या तुम  मुझसे सच्चा पर करते हो? मुझे लगता है जल्द ही सड़को पर नाइ की दुकान की तरह 'मशीन से प्यार का परिक्षण' की दुकान खुलेगी.   प्रेमी-प्रेमिका वहां आएंगे और एक दुसरे का टेस्ट करेंगे. टेस्ट हो जाने के बाद दुकानदार उन्हें सर्टिफिकेट देगा.
  धंधा अच्छा जमेगा. सोच रहा हूँ इसकी शुरुआत मै ही कर दूँ. यदि आप किसी से प्यार करते या करती है तो और आपको अपने पार्टनर पर थोडा कम विश्वास है तो आपका स्वागत है. मेरे दुकान का उद्घाटन करने स्वर्ग से लेना-मजनू आएंगे. मेरी दूकान का नाम और पता आपको अगले लेख में बताऊंगा.
धन्यबाद!!!!!!!!!!!!!!!!

1 टिप्पणी:

  1. दोस्त जैसा आपने लिखा है कि समाज में एक पढी लिखी लड़की अगर कहती है कि अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो तो ये एक बड़ी बात है...हमारे समाज में कहा जाता है कि आज लड़कियां लड़कों की बराबरी कर रहीं हैं..पर ये बात वहीं पर खंडित हो जाती है जब कोई स्त्री शादी के बच्चा देने में असमर्थ हो जाती है तो उसे कहा जाता है कि तुम अपने पति की दूसरी शादी के लिए तैयार हो जाओ..क्योंकि अगर तुम औरत होने के बाद भी एक बच्चे को जन्म नहीं दे सकती तो तुम्हारे औरत होने पर कलंक है...चाहे बच्चा पैदा ना होने में पति की ही कमी क्यों ना हो ..कलंकित औरत को ही किया जाता है...और कहा जाता कि औरत होती ही बच्चे पैदा करने के लिए है बच्चा पैदा करना और पति की सेवा उसका प्रथम कर्तव्य है...ये ऐसे वाक्य हैं तो उस औरत को ना केवल अपने ससुराल बल्कि अपने माता पिता से भी सुनने को मिलते हैं...यहीं पर खंडित हो जाती है लड़का लड़के में कोई भेद नहीं है की भावना...

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